आद्य पत्रकार महर्षि नारद लोकमंगल की कामना रूपी संवाद के वाहक : कुलपति दिनेश कुमार

नवभास्कर न्यूज. फरीदाबाद.(04 जून)। जे.सी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं विश्व संवाद केन्द्र हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में ‘मीडिया की बात – आपके साथ’ नामक साप्ताहिक वेबिनार श्रृंखला में “नारद जयंती” के उपलक्ष्य में एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में मुख्य वक्ता गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय,नोएडा के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा रहे। प्रो. शर्मा ने अपने वक्तव्य में सामाजिक आधारित मूल्यों के अनुसार लेखन करने पर प्रकाश डाला।
वेबिनार में बोलते हुए विश्व संवाद केंद्र हरियाणा के सचिव राजेश कुमार ने कहा कि नारद जी इस संसार के पहले पत्रकार रहे हैं। महर्षि नारद संगीतिज्ञ, पत्रकार एवं सर्वज्ञानी थे लेकिन समाज में उनकी छवि को गलत रूप से पेश किया गया। कुछ लोगों ने भारत का इतिहास ऐसे प्रस्तुत किया है कि कभी हमें इस पर गर्व महसूस न हो पाए। आगे उन्होंने अपने वक्तव्य में पर्यावरण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का जो समय है उसमें हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाने चाहिए। प्रकृति का संरक्षण व संवर्धन ही हमारे भविष्य की राह को सही दिशा प्रदान करेगा।
वेबिनार के मुख्य वक्ता और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति बीपी शर्मा ने अपने संबोधन की शुरुवात महाभारत सभा पर्व के ‘लोकपाल सभाख्यान पर्व’ के अंतर्गत अध्याय 5 के अनुसार नारद का युधिष्ठिर को प्रश्न रूप में शिक्षा देने से संबधित में की। प्रोफेसर शर्मा ने कहा कि नारद जी की महत्वता क्या है वह महाभारत सभा पर्व के लोकपाल सभाख्यान पर्व के अंतर्गत अध्याय 5 को पढ़कर हर कोई समझ सकता है। महर्षि नारद अद्भुत हैं। पलों में वह सब स्थानों पर पहुंच जाया करते थे। उन्हें वेदों का परमज्ञानी कहा जाता है। अपने संबोधन में शर्मा ने कहा कि हमारे वेद – पुराण हर जानकारी में एकदम सटीक हैं। वर्ष 2000 के बाद आकाशगंगा में डार्क एनर्जी से संबंधित एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। उस रिपोर्ट में जो जानकारी थी उसका वर्णन हमारे वेदों में 5000 साल पहले ही हो चुका है।
देश में कोरोना कहर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत प्रति मिलियन मौत के आकड़ों में विश्व में 79वें स्थान पर है। यह देश के लिए सकारात्मक पहलू है। पेटेंट संबधी कानून के बारे में उन्होंने कहा कि इस बहस को पत्रकार आगे बढ़ा सकते हैं, यह सकारात्मक नतीजे लेकर आएगा।
अपने संबोधन में प्रोफेसर शर्मा ने आगे कहा कि यदि 200 साल बाद भारत की कोई समीक्षा करेगा तो वह मीडिया और जनसंचार माध्यमों को पढ़कर इस नतीजे पर आएगा कि भारत में पहले सभी चोर, ठग, लूटेरे हुआ करते थे, क्योंकि ऐसी रिपोर्टिंग देश में की जाती रही है। हमारे देश में जो धारवाहिक सीरियल बनते हैं वह हर वर्ग में नकारात्मकता अधिक लेकर आते हैं। इसका उदाहरण है कि सीरियल में तलाक को काफी आसानी से पेश किया जाता है। जिसका असर सीधा हमारी आने वाली पीढ़ी पर हो रहा है और वो नकारात्मकता की शिकार हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि पत्रकार को आदर्श लेखन की ओर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आप समाज को कैसा देखना चाहते हैं इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जो सच है उसे दिखाओ जो झूठ है उसे मत फैलाओ।
जे.सी.बोस विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि नारद जी की छवि फिल्मजगत में हास्यास्पद दिखाई जाती है। आज के समय में यह सोचना भी असंभव है कि कैसे तीनों लोकों की प्रत्येक जानकारी महर्षि नारद जी को पता होती थी। क्षण भर में वह एक स्थान से दूसरे स्थान जानकारी लेने पहुंच जाया करते थे। कुलपति ने आगे कहा कि नारद जी की रिपोर्टिंग का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। उन्होंने सदा लोकमंगल की कामना के भाव को अपने जीवन में सर्वोपरि रखा। उनके प्रत्येक संवाद का आधार भी लोकमंगल की कामना ही था।
वेबिनार का आयोजन फैकल्टी ऑफ लिबरल आर्ट एंड मीडिया स्टडीज के डीन एवं अध्यक्ष प्रोफेसर अतुल मिश्रा की देखरेख में किया गया। मुख्य वक़्ता ने छात्रों के प्रश्नों के संतोषपूर्वक जवाब भी दिए। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार गर्ग ने मुख्य अतिथि,विश्व संवाद केंद्र हरियाणा, विभागाध्यक्षों एवं सभी विद्यार्थियों को इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए साधुवाद दिया।

(रिपोर्टःयोगेश अग्रवाल.9810366590)

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