अग्रवाल महाविद्यालय में चल रहे सात दिवसीय संकाय विकास राष्ट्रीय वेबीनार का हुआ भव्य समापन

नवभास्कर न्यूज. फरीदाबादः अग्रवाल महाविद्यालय बल्लबगढ़ में चल रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट वेबीनार का बुधवार को भव्य समापन हुआ। 7 जुलाई को अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़ में “आंतरिक गुणवत्ता एवं मूल्यांकन परिषद (IQAC)” के तत्वाधान में “हरियाणा उच्चतर सामान्य शिक्षा निदेशालय (Director Higher Education, Haryana)” के सहयोग से सात दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (Faculty Development Programme) का प्रारंभ हुआ। जिसका विषय था “भारत में आत्मनिर्भरता के विकास में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की प्रमुख भूमिका (Cardinal Role of Quality Education in Developing Self-reliant India) विषय पर यह तरंग कार्यशाला अग्रवाल महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. कृष्णकांत गुप्ता के संरक्षण में प्रारंभ हुई। जिसके मुख्य संरक्षक अग्रवाल विद्या प्रचारिणी सभा के प्रधान देवेंद्र कुमार गुप्ता थे। सलाहकार के रूप में प्रो.एस. के. चक्रवर्ती, संयोजक डॉ. मनोज शुक्ला, सह संयोजक डॉ. नरेश कामरा, सचिव डॉ. गीता गुप्ता, सहायक सदस्य डॉ.सारिका कंजालिया, डॉ. इनायत एवं तकनीकी सहायक विनीत नागपाल थे। आठवें दिवस के कार्यक्रम के सत्रहवें सत्र में मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉo नीना सेठ पजनी (प्राचार्या गोविंदगढ़ पब्लिक महाविद्यालय, अलौर खन्ना पंजाब) एवं प्रोo एसoकेo चक्रवर्ती (एक्स- एनआईटी कुरुक्षेत्र) उपस्थित रहे। सत्र के प्रारंभ में डॉo नीना सेठ ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का फ्लिप क्लासरूम मॉडल(Flipped Classroom Model of Enhancing Quality of Higher Education) एवं प्रोo एसoकेo चक्रवर्ती ने उच्च शिक्षा में अकादमिक नेतृत्व शासन और प्रबंधन (Academic Leadership, Governance and Management in Higher Education) विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी सांझा की।
सात दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र का कार्यक्रम दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में प्रोo बृजकिशोर कुठियाला एवं अध्यक्ष डॉ० मार्कंडेय अहूजा उपस्थित थे। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ० कृष्णकांत गुप्ता ने समस्त अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिवादन एवं स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोo बृजकिशोर कुठियाला ने अग्रवाल महाविद्यालय प्राचार्य डॉ० कृष्णकांत गुप्ता एवं समस्त आयोजकों को बधाई देते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्राचार्य डॉo कृष्णकांत गुप्ता की भूरि-भूरि प्रशंसा की और प्रोत्साहित करते हुए कहा कि समय-समय पर देश में इस प्रकार के संकाय विकास कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए। जिससे कि शिक्षक लाभान्वित होकर शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने में सहयोग दें।
डॉ० मार्कण्डेय आहूजा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की प्रमुख भूमिका विषय पर आयोजित इस वेबीनार की सार्थकता पर महाविद्यालय प्राचार्य के अथक प्रयासों की सराहना की I साथ ही उन्होंने बताया कि विज्ञान व तकनीकी के युग में इस प्रकार के कार्यक्रम होने चाहिए, जिससे ना केवल शिक्षक बल्कि विद्यार्थी वर्ग भी लाभान्वित हो। साथ ही स्वायत्तता में बढ़ोतरी के कारण नए-नए संस्थान खुल रहे हैं इसलिए उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता के प्रति चिंता बढ़ गई है। महामारी के इस दौर में इस प्रकार के कार्यक्रम उपयोगी एवं मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।

डॉo सारिका कंजालिया ने सात दिवसीय कार्यशाला का सारांश प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कार्यशाला में सत्रह सत्र एवं एक कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें विभिन्न विभिन्न संस्थानों विश्वविद्यालयों के प्रबुद्ध जनों ने अपने व्याख्यान दिए।

तत्पश्चात डॉo इनायत चौधरी ने अतिथियों प्रतिभागियों एवं कार्यकारिणी समिति का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस वेबीनार में प्रत्येक सत्र के बाद फीडबैक फॉर्म भरवाए गए I साथ ही समापन सत्र के पश्चात प्रतिभागियों के मूल्यांकन के लिए एक प्रश्नावली आयोजित की गई। फीडबैक फॉर्म एवं 80% की भागीदारी वाले प्रतिभागियों के लिए ही प्रमाण पत्र का प्रावधान किया गया।
इस राष्ट्रीय वेबीनार में 13 राज्यों, 3 केंद्र शासित प्रदेशों तथा 51 संस्थानों के लगभग 301 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

(रिपोर्टःयोगेश अग्रवाल.9810366590)

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